Ram Mandir Trust News: अयोध्या (6 जुलाई 2026): अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर विवाद के बीच सोमवार, 6 जुलाई 2026 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम बैठक अयोध्या में आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार, इस बहुप्रतीक्षित बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे को औपचारिक रूप से मंजूर कर लिया गया है।
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संत और ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस घटना पर गहरी निराशा और दुख व्यक्त करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
“मैं दान चोरी से बेहद आहत हूं” – महंत नृत्य गोपाल दास
राम जन्मभूमि परिसर के अंदर बने अतिथि गृह में चल रही बैठक से पहले, महंत नृत्य गोपाल दास ने एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा, “जिसने भी यह पाप किया है, उसको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मैं राम मंदिर में दान चोरी की घटना से बहुत आहत हूं। यह करोड़ों हिंदुओं की गहरी आस्था का प्रश्न है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल को अपने निजी लाभ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए। महंत जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूर्ण भरोसा जताते हुए कहा, “मुझे विश्वास है कि वे इस ‘पाप’ में शामिल सभी लोगों को सजा दिलाएंगे।”
क्या है राम मंदिर चंदा चोरी का पूरा मामला?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की शिकायतें सामने आईं। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
SIT की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में सीसीटीवी निगरानी में खामियां, कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में कमी और दान की गिनती की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही पाई गई। 25 जून को इस मामले में FIR दर्ज की गई, जिसमें चोरी, आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धाराएं लगाई गईं।
8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
FIR दर्ज होने के अगले ही दिन (26 जून) यूपी पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में चंपत राय का पूर्व ड्राइवर रमाशंकर यादव (उर्फ टिन्नू) और दान की गिनती करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से लगभग 80 लाख रुपये नकद और अन्य कीमती सामान भी बरामद किए हैं।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने क्यों दिया था इस्तीफा?
लगातार उठ रहे सवालों और SIT की रिपोर्ट के बाद, 26 जून को ही चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि दोनों नेताओं का नाम सीधे तौर पर FIR में नहीं है, लेकिन उन्होंने ‘नैतिक जिम्मेदारी’ लेते हुए अपना पद छोड़ा।
चंपत राय के करीबियों का कहना है कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया ताकि SIT बिना किसी दबाव के स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर सके। 27 जून को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने इस्तीफे प्राप्त होने की पुष्टि की थी और कहा था कि 6 जुलाई की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ट्रस्ट की अहम बैठक और गोपनीयता
दिलचस्प बात यह है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की यह बैठक पहली बार मणिराम दास छावनी की बजाय सीधे राम मंदिर परिसर के भीतर स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित की गई। सूत्रों का कहना है कि दान चोरी के इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्थान में यह बदलाव किया गया।
इस बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी, ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा और स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ वकील के. परासरन सहित कुछ अन्य सदस्य वर्चुअली (ऑनलाइन) जुड़े। अनिल मिश्रा ने भी बैठक में अपना पक्ष रखा और नैतिक आधार पर इस्तीफे की पेशकश को दोहराया।
भविष्य की रूपरेखा: ट्रस्ट में होंगे बड़े बदलाव?
चंपत राय के इस्तीफे को मंजूरी मिलने के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मंदिर के वित्तीय प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक कॉर्पोरेट शैली का ‘CEO (मुख्य कार्यकारी अधिकारी)’ सिस्टम लागू किया जा सकता है।
आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
सख्त मॉनिटरिंग:- दान पेटियों से लेकर बैंक डिपॉजिट तक की पूरी प्रक्रिया को 360-डिग्री हाई-रेजोल्यूशन CCTV की निगरानी में लाया जाएगा।
कर्मचारियों की जांच:- मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी कर्मचारियों, विशेषकर आउटसोर्स किए गए बैंक कर्मियों का कड़ा पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा।
डिजिटल दान को बढ़ावा:- नकद दान के बजाय डिजिटल पेमेंट और सीधे बैंक ट्रांसफर को अधिक प्रोत्साहित करने की योजना बनाई जा रही है।
राम मंदिर करोड़ों भारतवासियों की आस्था का प्रतीक
राम मंदिर करोड़ों भारतवासियों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थान पर चंदा चोरी जैसी घटना ने यकीनन भक्तों के दिलों को ठेस पहुंचाई है। चंपत राय का इस्तीफा और महंत नृत्य गोपाल दास का सख्त रुख इस बात का संकेत है कि ट्रस्ट इस मामले में कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है। अब सबकी निगाहें SIT की फाइनल रिपोर्ट और उत्तर प्रदेश सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके और भविष्य में रामलला के दरबार में ऐसी घटना दोबारा न हो।

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