Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन (23 जून 2026) बेहद निराशाजनक रहा। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिसने पिछले सत्र की सारी बढ़त को पूरी तरह से धो दिया। आक्रामक बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
आज के कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 893.39 अंक (1.16%) की भारी गिरावट के साथ 76,200.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 278.80 अंक (1.16%) फिसलकर 23,824.10 पर सिमट गया। बाजार में मचे इस हाहाकार के कारण महज कुछ ही घंटों में निवेशकों के करीब ₹6 लाख करोड़ डूब गए, जिससे BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर ₹475 लाख करोड़ रह गया।
बाजार में अचानक आई इस गिरावट की 4 बड़ी वजहें
दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बियर्स (Bears) का दबदबा रहा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार के इस तरह क्रैश होने के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं:
कमजोर आर्थिक आंकड़े (Weak PMI Data): जून महीने के बिजनेस डेटा ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। HSBC फ्लैश इंडिया सर्विसेज पीएमआई (Services PMI) 17 महीने के निचले स्तर 57.3 पर आ गया, जो मई में 59.8 था। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई भी घटकर तीन महीने के निचले स्तर 54.5 पर आ गया, जो आर्थिक रफ्तार धीमी होने का संकेत है।
कमजोर मानसून की चिंता: देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत बेहद कमजोर और निराशाजनक रही है। कई जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि उत्पादन और ग्रामीण इलाकों में कंज्यूमर डिमांड घटने की आशंका गहरा गई है।
ग्लोबल मार्केट से खराब संकेत: एशियाई बाजारों में आज भारी कमजोरी देखी गई। खासकर दक्षिण कोरिया के ‘कोस्पी’ (KOSPI) इंडेक्स में 9% से ज्यादा की भारी गिरावट के कारण वहां सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा और ट्रेडिंग को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। इसका सीधा असर भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ा।
FII की लगातार बिकवाली और कमजोर रुपया: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसे निकाल रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 11 पैसे कमजोर होकर 94.74 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ, जिसने बाजार के दबाव को और बढ़ा दिया।
आईटी और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा मार
फार्मा और हेल्थकेयर को छोड़कर आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मेटल (3.22%) और निफ्टी आईटी (2.23%) में देखने को मिली। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक भी 1.97% टूटकर बंद हुआ। दूसरी तरफ, निफ्टी फार्मा 0.92% की बढ़त के साथ बाजार की इस आंधी में अकेला टिका रहा।
आज के टॉप गेनर्स और लूजर्स
टॉप लूजर्स (Top Losers): निफ्टी के 50 शेयरों में से 43 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आईटी दिग्गजों को हुआ, जिनमें Infosys (3.42% नीचे), Wipro, TCS, Adani Enterprises और JSW Steel प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अलावा HDFC Bank और Reliance Industries ने भी बाजार को नीचे खींचने में बड़ा रोल निभाया।
टॉप गेनर्स (Top Gainers): बाजार में इतनी भारी गिरावट के बावजूद फार्मा सेक्टर के शेयरों में अच्छी खासी खरीदारी दिखी। Cipla, Dr. Reddy’s Labs, Sun Pharma और Power Grid आज के टॉप गेनर्स की सूची में रहे।
मार्केट आउटलुक: तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए अब 23,750 से 23,800 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन की तरह काम करेगा। यदि बाजार इस स्तर को तोड़ता है, तो आने वाले दिनों में और अधिक मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है। निवेशकों को फिलहाल बाजार में स्थिरता आने तक जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने से बचना चाहिए।

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