Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ़्ते का आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार बेहद शानदार रहा। घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन चौतरफा हरियाली देखने को मिली। दिग्गज आईटी (IT) और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों द्वारा की गई आक्रामक खरीदारी के दम पर बाजार ने अपनी बढ़त को बरकरार रखा।
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 261.79 अंक (0.34%) की तेजी के साथ 77,763.91 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 भी 95.15 अंक (0.39%) उछलकर 24,270.85 के स्तर पर सफलतापूर्वक क्लोज हुआ। हालांकि, बैंकिंग इंडेक्स (Bank Nifty) में मामूली बिकवाली के चलते यह 93.15 अंक गिरकर 57,938.50 पर बंद हुआ, लेकिन आईटी सेक्टर ने अकेले दम पर बाजार की चांदी करा दी।
आईटी (IT) इंडेक्स ने भरी सबसे ऊंची उड़ान
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा रौनक आईटी सेक्टर में देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1.5% से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुआ। दिग्गज आईटी कंपनियों जैसे टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys), एचसीएल टेक (HCL Tech), विप्रो (Wipro) और टेक महिंद्रा में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया। दरअसल, भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों से आता है। अमेरिका से आ रहे हालिया आर्थिक संकेतों ने आईटी सेक्टर के सेंटिमेंट को पूरी तरह बदल दिया है।
बाजार में आज की तेजी के 3 मुख्य कारण
1. अमेरिका में ब्याज दरें घटने की बढ़ी उम्मीद
अमेरिका में जून महीने के जो रोजगार के आंकड़े (Jobs Data) आए हैं, वे उम्मीद से काफी कमजोर रहे हैं। इसके साथ ही पिछले दो महीनों के लेबर डेटा को भी संशोधित कर घटाया गया है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि अमेरिकी लेबर मार्केट अब धीरे-धीरे ठंडा पड़ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति को देखते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती का फैसला जल्द ले सकता है। ब्याज दरें घटने की उम्मीद से भारत जैसे उभरते बाजारों (Emerging Markets) में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भरोसा मजबूत होता है।
2. ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेत
अमेरिकी टेक शेयर (Nasdaq) में पिछले दो दिनों से चल रही गिरावट पर ब्रेक लगा है और वहां शानदार रिकवरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में चौतरफा तेजी का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी (Kospi) इंडेक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप बनाने वाली खबरों के चलते 5% तक उछल गया, जिसमें सैमसंग के शेयरों ने 8% की छलांग लगाई। इस मजबूत ग्लोबल सेंटिमेंट ने भारतीय निवेशकों का मनोबल काफी बढ़ा दिया।
3. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर अंतरराष्ट्रीय बाजार से आई है। कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें युद्ध से पहले के सामान्य स्तर पर आ गई हैं और फिलहाल यह 70 से 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में क्रूड ऑयल का सस्ता होना देश के राजकोषीय घाटे को कम करता है और सीधे तौर पर भारतीय कंपनियों के मार्जिन को फायदा पहुंचाता है।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
आज के ट्रेड में निफ्टी आईटी के अलावा रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा शेयरों में भी सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। रियल्टी इंडेक्स में रियल एस्टेट कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों की उम्मीद में निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई। दूसरी तरफ, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) और एनर्जी सेक्टर के कुछ शेयरों में मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिली, जिसकी वजह से बैंक निफ्टी आज लाल निशान में बंद हुआ।
टॉप गेनर्स और लूजर्स स्टॉक्स
टॉप गेनर्स (Top Gainers):- आज के मुकाबले में HCL Tech, Infosys, TCS, Tech Mahindra, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील के शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स की सूची में शुमार रहे। एचसीएल टेक के शेयरों में 5% से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
टॉप लूजर्स (Top Losers):- दूसरी ओर, एनटीपीसी (NTPC), पावर ग्रिड, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के शेयरों पर दबाव देखा गया और ये गिरावट के साथ बंद हुए।
निवेशकों के लिए आगे की राह
शेयर बाजार के जानकारों के मुताबिक, मिड-ईस्ट के तनावों में आ रही कमी और कच्चे तेल के नरम पड़ते तेवरों के बीच भारतीय बाजार अब एक मजबूत कंसॉलिडेशन (स्थिरता) के फेज से बाहर निकल रहा है। इंडिया वीआईएक्स (India VIX), जो बाजार में उतार-चढ़ाव या डर को मापता है, वह घटकर 11.80 के स्तर पर आ गया है, जो कि पिछले कई महीनों का सबसे निचला स्तर है। कम VIX यह दर्शाता है कि बाजार में फिलहाल किसी बड़े क्रैश का डर नहीं है और बुल्स (तेजड़ियों) की पकड़ मजबूत है।
आगामी हफ्ते में निवेशकों की नजरें अमेरिकी बाजारों के खुलने और भारतीय आईटी कंपनियों के आने वाले चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजों पर टिकी होंगी। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस तेजी के माहौल में निवेशकों को हड़बड़ी में कोई भी फैसला लेने से बचना चाहिए और क्वालिटी व मजबूत फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप शेयरों में ही निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।

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