Sensex Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स 281.09 अंक की गिरावट के साथ 77,728.16 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24,287.65 के स्तर पर बंद हुआ, जिसमें भी करीब 78.35 अंकों की कमजोरी रही। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी है।
शेयर बाजार की शुरुआत से ही कारोबार में दबाव नजर आया। खरीदारी के मुकाबले बिकवाली का रुख मजबूत रहने के कारण प्रमुख इंडेक्स अपनी बढ़त कायम नहीं रख सके। सेंसेक्स में शामिल कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिसका असर पूरे बाजार के प्रदर्शन पर पड़ा।
सेंसेक्स में 281 अंक की गिरावट
कारोबार के अंत में BSE Sensex 281.09 अंक गिरकर 77,728.16 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में तेजी की उम्मीद के बीच निवेशकों ने कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली की थी। सोमवार को भी यही दबाव आगे बढ़ता नजर आया।
सेंसेक्स में गिरावट का प्रमुख कारण बाजार में बनी कमजोर धारणा रही। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में नई खरीदारी करने के बजाय मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। इसके चलते दिनभर बाजार में दबाव बना रहा।
निफ्टी भी 24,287.65 पर बंद
NSE Nifty 50 भी 78 अंकों की गिरावट के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ। निफ्टी में शामिल कई प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे खींचा। हालांकि, कुछ शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार में गिरावट और ज्यादा नहीं बढ़ी।
निफ्टी के प्रदर्शन से साफ है कि फिलहाल बाजार में निवेशकों का रुख पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है। ग्लोबल संकेतों और घरेलू बाजार में कंपनियों के प्रदर्शन से जुड़ी खबरों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
किन वजहों से बाजार पर रहा दबाव?
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई फैक्टर काम करते हैं। इनमें वैश्विक बाजारों का रुख, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमत और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख हैं।
इसके अलावा, ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद कई शेयरों में मुनाफावसूली भी बाजार पर दबाव डाल सकती है। ऐसे माहौल में निवेशक नई खरीदारी को लेकर सतर्क रहते हैं और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और बाजार की मौजूदा स्थिति को समझना जरूरी है। सेंसेक्स और निफ्टी में किसी एक कारोबारी सत्र की गिरावट को बाजार की लंबी अवधि की दिशा का संकेत नहीं माना जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को बाजार की चाल के साथ-साथ सेक्टर और कंपनी के प्रदर्शन पर भी नजर रखनी चाहिए। खासकर तेज गिरावट या तेजी के दौरान भावनात्मक फैसले लेने से बचना महत्वपूर्ण है।
आगे बाजार की नजर किन बातों पर?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के संकेत, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों, रुपये की चाल और कंपनियों से जुड़ी अहम खबरों पर रहेगी। इसके साथ ही निफ्टी और सेंसेक्स के प्रमुख तकनीकी स्तर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कुल मिलाकर सोमवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रहा। सेंसेक्स 281.09 अंक गिरकर 77,728 पर और निफ्टी 24,287.65 पर बंद हुआ। अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा और नई खरीदारी पर रहेगी।
Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न माना जाए।

ये भी पढ़े–
Flipkart Freedom Sale Live 2026: iPhone समेत इलेक्ट्रॉनिक्स और कई प्रोडक्ट्स पर बंपर डिस्काउंट
Discover more from Live India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




