Share Market Updates: भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 2 जुलाई को लगातार दूसरे कारोबारी दिन शानदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में जो मजबूती बनी, वह बाजार बंद होने तक बरकरार रही। आज के कारोबार में चौतरफा खरीदारी (Broad-based Buying) के चलते प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड स्तरों की तरफ बढ़ते दिखे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) 579.48 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ 77,502.12 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी (Nifty 50) भी 169.85 अंक यानी 0.71% की उछाल के साथ 24,175.70 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।
बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में जो सुस्ती या गिरावट का माहौल था, उस पर अब ब्रेक लगता नजर आ रहा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आज के बाजार की मुख्य हाइलाइट्स क्या रहीं और बाजार में अचानक इस यू-टर्न (U-Turn) के पीछे कौन से बड़े कारण काम कर रहे थे।
आज के बाजार का लेखा-जोखा (Market Dynamic Highlights)
गुरुवार सुबह बाजार की शुरुआत ही बढ़त के साथ हरी स्क्रीन पर हुई थी। निफ्टी 50 ने 24,062.20 पर ओपनिंग की और देखते ही देखते दिन के उच्चतम स्तर 24,194.55 तक पहुंच गया। इसी तरह, सेंसेक्स भी 77,083.14 पर खुलकर 77,578.93 के इंट्राडे हाई तक गया।
सत्र के अंत में मुनाफावसूली (Profit Booking) की मामूली कोशिशों के बावजूद दोनों ही इंडेक्स अपने ऊपरी स्तरों के बेहद करीब बंद हुए। बाजार का ‘एडवांस-डिक्लाइन रेशियो’ (Advance-Decline Ratio) भी पूरी तरह से बुल्स (Bulls) यानी खरीदारों के पक्ष में रहा, जिससे साफ पता चलता है कि बाजार में सेंटिमेंट काफी मजबूत है।
इन 3 बड़े कारणों से रॉकेट बना शेयर बाजार
ग्लोबल और डोमेस्टिक दोनों ही मोर्चों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को पंख लगाने का काम किया
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट:- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई नरमी भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए हमेशा संजीवनी का काम करती है। ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने के कारण घरेलू स्तर पर महंगाई की चिंता कम हुई है, जिसका सीधा फायदा बाजार को मिला।
IT और ऑटो सेक्टर में जोरदार वापसी:- पिछले कुछ सत्रों से दबाव झेल रहे आईटी सेक्टर (Nifty IT) में आज करीब 4.6% की जबरदस्त रिकवरी देखी गई। इसके साथ ही वाहन निर्माता कंपनियों (Nifty Auto) के जून महीने के बेहतरीन सेल्स डेटा ने ऑटो शेयरों में नई जान फूंक दी।
ग्लोबल मार्केट से सपोर्टिव सिग्नल:- अमेरिका और ईरान के बीच चल रही दोहा वार्ता में सकारात्मक प्रगति और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से महंगाई के जोखिम कम होने के बयानों ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों का हौसला बढ़ाया है।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस: कौन से सेक्टर चमके?
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा चमक Nifty IT और Nifty Auto इंडेक्स में रही। आईटी दिग्गजों में निचले स्तरों से शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू बाइंग देखी गई। इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) और ऑयल एंड गैस (Oil & Gas) सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, रियल्टी और मेटल शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बैंकिंग और फाइनेंशियल इंडेक्स ने भी निचले स्तरों से रिकवर होकर बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार के जानकारों और तकनीकी विश्लेषकों (Technical Analysts) का मानना है कि निफ्टी का 24,100 से ऊपर टिकना एक बेहद सकारात्मक संकेत है। अब निफ्टी के लिए तात्कालिक रेजिस्टेंस 24,250 से 24,500 के बीच देखा जा रहा है। यदि बाजार इस स्तर को पार करता है, तो आने वाले दिनों में नए रिकॉर्ड हाई देखने को मिल सकते हैं। वहीं, नीचे की तरफ 23,800 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (Dynamic Support) के रूप में काम करेगा।
रिटेल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस तेजी में किसी भी पेनी स्टॉक या कमजोर फंडामेंटल वाले शेयरों में फोमो (FOMO – Fear of Missing Out) के चक्कर में न फंसें। क्वालिटी लार्ज-कैप और मजबूत अर्निंग विजिबिलिटी वाली कंपनियों में ही निवेशित रहें या हर गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (Buy on Dips) की रणनीति अपनाएं।

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