BAT-BMS App: आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स (X) पर एक बेहद अजीब और खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। कुछ लोग एक मोबाइल ऐप के जरिए सड़क पर चलते हुए ई-रिक्शा (जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘टिटहरी’ या ‘टिर्री’ भी कहा जाता है) को अचानक रिमोटली बंद कर दे रहे हैं। रील्स और शॉर्ट्स पर इसे “Time for Revenge” या “ई-रिक्शा वालों से बदला” कहकर शेयर किया जा रहा है और लोग इसे एक मजेदार प्रैंक मान रहे हैं।
लेकिन अगर आप भी ऐसा कोई प्रैंक करने की सोच रहे हैं या सिर्फ मजे के लिए किसी का ई-रिक्शा बंद कर चुके हैं, तो सावधान हो जाइए। आपका यह छोटा सा ‘मजाक’ आपको सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। साइबर एक्सपर्ट्स और सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है, जिसके तहत 3 साल तक की जेल और ₹5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
आखिर क्या है यह BAT-BMS ऐप?
दरअसल, BAT-BMS (Battery Management System) कोई हैकिंग टूल या गैर-कानूनी ऐप नहीं है। यह चीन की एक कंपनी Shenzhen Grenergy Technology द्वारा विकसित किया गया एक वैध यानी लीगल एप्लीकेशन है। इसका मुख्य काम ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम-आयन बैटरी पैक्स की सेहत (Battery Health) पर नजर रखना है।
इस ऐप के जरिए वाहन मालिक अपनी बैटरी का चार्ज लेवल, वोल्टेज, तापमान और उसके अलग-अलग सेल्स की स्थिति को मोबाइल पर ही देख सकते हैं। ऐप में एक फीचर होता है जिसे ‘रिमोट कट-ऑफ’ (Remote Cut-off) कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल सुरक्षा के लिहाज से चार्जिंग या डिस्चार्जिंग को रोकने के लिए किया जाता है।
ई-रिक्शा कैसे हो रहे हैं इस ऐप से बंद?
भारत में चलने वाले अधिकांश कम लागत वाले (Low-cost) ई-रिक्शा में जो चीनी लिथियम बैटरियां लगी हैं, उनमें एक बड़ी सुरक्षा खामी (Security Flaw) है। इन बैटरियों के ब्लूटूथ सिस्टम में कोई पासवर्ड प्रोटेक्शन या ऑथेंटिकेशन (Authentication) नहीं होता।
इसका फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति जो ई-रिक्शा के 15 मीटर के दायरे में है, वह अपने फोन में BAT-BMS ऐप खोलकर उस रिक्शा की बैटरी से आसानी से कनेक्ट हो जाता है। कनेक्ट होने के बाद जैसे ही वह ऐप में ‘Discharge’ फंक्शन को ऑफ करता है, चलते हुए ई-रिक्शा की पावर सप्लाई कट जाती है और गाड़ी बीच सड़क पर ही अचानक खड़ी हो जाती है।
मजाक नहीं, जानलेवा है यह ट्रेंड
इस प्रैंक की वजह से सड़कों पर गंभीर हादसे होने का खतरा बढ़ गया है। सोचिए, एक तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच अगर कोई ई-रिक्शा अचानक बिना किसी वॉर्निंग के रुक जाए, तो पीछे से आने वाले वाहन उससे टकरा सकते हैं।
इसके अलावा, इसका सबसे बड़ा नुकसान उन गरीब ई-रिक्शा चालकों को हो रहा है जो रोज कमाते और खाते हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो आ चुके हैं जहां गरीब ड्राइवर घंटों परेशान रहते हैं, उन्हें लगता है कि उनकी महंगी बैटरी खराब हो गई है। कई बार वे पूरे दिन की कमाई गंवाकर गाड़ी को खींचकर ले जाने पर मजबूर हो जाते हैं।
कानून की नजर में यह है गंभीर अपराध: जानिए क्या हैं धाराएं
देश के जाने-माने साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल के अनुसार, किसी दूसरे व्यक्ति के ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को उसकी अनुमति के बिना एक्सेस करना एक गंभीर साइबर अपराध है। आज के समय में एक ई-रिक्शा सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि एक कंप्यूटर सिस्टम (Computer System) है।
IT Act, 2000 के तहत कार्रवाई
धारा 43 (Section 43): बिना अनुमति के किसी भी कंप्यूटर, सिस्टम या नेटवर्क में अनधिकृत रूप से प्रवेश करना (Unauthorized Access) और डेटा से छेड़छाड़ करना अपराध है। इसके तहत पीड़ित व्यक्ति हर्जाने की मांग कर सकता है।
धारा 66 (Section 66): अगर ऐसा काम बेईमानी या धोखाधड़ी के इरादे से (Dishonestly or Fraudulently) किया जाता है, तो दोषी को 3 साल तक की जेल, ₹5 लाख तक का जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है।
सरकार और पुलिस का सख्त एक्शन
इस वायरल ट्रेंड की गंभीरता को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस ऐप पर अपनी जांच शुरू कर दी है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने भी इस ऐप की सत्यता और इसके गलत इस्तेमाल की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, मध्य प्रदेश पुलिस ने इस ऐप का गलत इस्तेमाल कर ड्राइवरों को परेशान करने वाले कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। एप्पल ने अपने ऐप स्टोर से इसे हटा दिया है, और गूगल प्ले स्टोर पर भी इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
निष्कर्ष:- रील्स के चक्कर में न गंवाएं अपना भविष्य
सोशल मीडिया पर कुछ लाइक्स और व्यूज पाने के लिए किसी गरीब की आजीविका से खिलवाड़ करना और अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाना भारी बेवकूफी है। यह प्रैंक किसी की जान ले सकता है और आपका करियर हमेशा के लिए बर्बाद कर सकता है। अगर आप भी अपने फोन में इस ऐप को डाउनलोड करके घूम रहे हैं, तो इसे तुरंत डिलीट करें और कानून का सम्मान करें।

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