Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को दबाव देखने को मिला। कारोबार के अंत में BSE Sensex 455.59 अंक यानी 0.58% की गिरावट के साथ 78,499.17 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 65.35 अंक यानी 0.27% टूटकर 24,570.65 पर बंद हुआ। बाजार में खासतौर पर वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में दबाव देखने को मिला।
दिनभर के कारोबार में निवेशकों का रुख सतर्क रहा। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत, कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता और वित्तीय शेयरों में बिकवाली ने घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया। Reuters के अनुसार, शुक्रवार को 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 12 गिरावट के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स में 455 अंकों की गिरावट
शुक्रवार को कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 78,499.17 अंक पर रहा। इंडेक्स में एक दिन में 455.59 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। प्रतिशत के लिहाज से सेंसेक्स में 0.58% की कमजोरी रही।
बाजार में बिकवाली का दबाव खासतौर पर बड़े वित्तीय शेयरों में दिखाई दिया। सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख इंडेक्स में बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनियों का बड़ा वजन होता है, इसलिए इन शेयरों में उतार-चढ़ाव का असर पूरे बाजार पर पड़ता है।
निफ्टी 24,570 के स्तर पर बंद
दूसरी ओर, Nifty 50 भी लाल निशान में बंद हुआ। निफ्टी 65.35 अंक यानी 0.27% गिरकर 24,570.65 के स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, बाजार में गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिली। Reuters के मुताबिक, शुक्रवार को Nifty Smallcap और Midcap इंडेक्स क्रमशः करीब 2.7% और 0.9% चढ़े। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी, बल्कि दबाव मुख्य रूप से बड़े शेयरों और वित्तीय कंपनियों में ज्यादा रहा।
बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली
शुक्रवार के कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर दबाव बाजार की प्रमुख चिंताओं में रहा। बड़े बैंकिंग शेयरों में गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी की चाल को प्रभावित किया।
हालांकि सभी बैंकिंग शेयर कमजोर नहीं रहे। SBI के शेयर में करीब 1.1% की तेजी दर्ज की गई। बैंक ने मजबूत तिमाही मुनाफे की रिपोर्ट दी, जिससे उसके शेयर को सपोर्ट मिला। वहीं, Bajaj Finance का शेयर करीब 5.8% टूट गया। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के शेयर में गिरावट नए RBI नियमों को लेकर चिंता के बीच आई।
इसी तरह, ICICI Bank के शेयर में भी शुक्रवार को कमजोरी देखने को मिली। इससे पता चलता है कि बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का रुख एक जैसा नहीं था और स्टॉक-विशिष्ट खबरों के आधार पर खरीदारी और बिकवाली हुई।
12 सेक्टरों में गिरावट
बाजार की कमजोरी केवल बैंकिंग शेयरों तक सीमित नहीं रही। Reuters के अनुसार, शुक्रवार को 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 12 इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। इसका मतलब है कि बाजार में व्यापक स्तर पर सावधानी देखने को मिली।
हालांकि दूसरी तरफ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी ने बाजार की कुल गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया। निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रखी, लेकिन बड़े और प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली ने benchmark indices पर दबाव बनाए रखा।
कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर
शुक्रवार के कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रहीं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।
Reuters के अनुसार, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर वित्तीय शेयरों के दबाव के साथ-साथ तेल की कीमतों से जुड़ी चिंताओं का भी असर रहा।
अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों का इंतजार
शुक्रवार को निवेशकों की नजर अमेरिका के महत्वपूर्ण Jobs Data पर भी रही। अमेरिकी रोजगार के आंकड़े आगे चलकर Federal Reserve की ब्याज दर नीति को प्रभावित कर सकते हैं।
अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ता है। अगर अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार में बदलाव की संभावना बनती है, तो डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेश के प्रवाह पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा
गिरावट के बावजूद भारतीय इक्विटी बाजार में विदेशी निवेश का रुख पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहा। Reuters के अनुसार, अगस्त की शुरुआत में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब 1.3 अरब डॉलर की खरीदारी की, जबकि जुलाई में लगभग 2.1 अरब डॉलर का निवेश आया था।
यह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। हालांकि विदेशी निवेश का प्रवाह वैश्विक ब्याज दरों, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमत और भू-राजनीतिक परिस्थितियों से तेजी से प्रभावित हो सकता है।
RBI की ब्याज दर नीति पर भी बाजार की नजर
घरेलू बाजार के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति भी एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। मौजूदा समय में निवेशक ब्याज दरों, महंगाई और आर्थिक विकास से जुड़े संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
ब्याज दरों में बदलाव का असर बैंकिंग, रियल एस्टेट, ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर समेत कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। यही कारण है कि RBI की नीतिगत घोषणाओं के आसपास बाजार में अक्सर उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है।
सप्ताह का प्रदर्शन कैसा रहा?
शुक्रवार की गिरावट के बावजूद पूरे सप्ताह के आधार पर भारतीय शेयर बाजार में बढ़त बनी रही। Reuters के अनुसार, सप्ताह के दौरान Nifty में करीब 0.8% और Sensex में करीब 0.5% की बढ़त रही।
इससे साफ है कि शुक्रवार की गिरावट को फिलहाल पूरे सप्ताह की तेजी के मुकाबले एक कमजोर कारोबारी सत्र के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेश, तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
शेयर बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। सेंसेक्स और निफ्टी में एक दिन की गिरावट का मतलब यह नहीं है कि बाजार की लंबी अवधि की दिशा बदल गई है।
निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, कमाई, कर्ज, वैल्यूएशन और सेक्टर की स्थिति को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। केवल इंडेक्स की एक दिन की चाल देखकर खरीदारी या बिक्री करना जोखिम भरा हो सकता है।
खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में निवेश करने वाले लोगों को RBI के नियमों, ब्याज दरों, लोन ग्रोथ, NPA और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए।
Stock Market Today: बाजार का सार
शुक्रवार के कारोबार का कुल मिलाकर सार यह रहा कि Sensex 455.59 अंक गिरकर 78,499.17 और Nifty 65.35 अंक टूटकर 24,570.65 पर बंद हुआ। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के प्रवाह और घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन और सोच-समझकर निवेश करना महत्वपूर्ण होगा।
Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश या खरीद-बिक्री की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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