Monsoon Alert: केरलम पहुंचा मानसून, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में जल्द होगी झमाझम बारिश।
Monsoon Alert: भीषण गर्मी, तपती धूप और रिकॉर्ड तोड़ लू (Heatwave) से परेशान देशवासियों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) ने निर्धारित समय के आस-पास ही केरलम के तट पर दस्तक दे दी है। केरलम में मॉनसून के आगमन के साथ ही देश में आधिकारिक तौर पर चार महीने के वर्षा ऋतु सीजन की शुरुआत हो चुकी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसूनी हवाएं काफी मजबूत हैं, जिसके कारण इसके आगे बढ़ने की रफ्तार सामान्य बनी हुई है। केरलम को सराबोर करने के बाद अब मानसून तेजी से मध्य और उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
किन राज्यों में कब तक पहुंचेगा मानसून? (IMD Forecast)
मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी की गई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मानसूनी हवाओं की अनुकूल स्थिति को देखते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
महाराष्ट्र और मुंबई: कोंकण और तटीय महाराष्ट्र में प्री-मानसून गतिविधियां (Pre-Monsoon Activities) शुरू हो चुकी हैं। मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में अगले 3 से 5 दिनों के भीतर मानसून की पहली आधिकारिक बारिश होने की प्रबल संभावना है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इन दोनों राज्यों में जून के दूसरे सप्ताह (9 से 15 जून के बीच) तक मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद है। हालांकि, कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का दौर अभी से शुरू हो गया है।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल: पूर्वी भारत में मानसून 10 से 15 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। यहां भी प्री-मानसून शावर से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
देश के मौसम का हाल: इन राज्यों के लिए अलर्ट जारी
IMD ने आगामी 48 से 72 घंटों के लिए देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और भारी बारिश का ‘येलो और ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
| राज्य/क्षेत्र | अपेक्षित मौसमी गतिविधियां | IMD अलर्ट का प्रकार |
| केरलम और कर्नाटक तटीय क्षेत्र | अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाएं | ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) |
| तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश | मध्यम से भारी वर्षा और गरज-चमक | येलो अलर्ट (Yellow Alert) |
| महाराष्ट्र (मुंबई/कोंकण) | धूल भरी आंधी और तेज मानसूनी बौछारें | सतर्क रहने की सलाह |
| मध्य प्रदेश और राजस्थान (पूर्वी) | गरज के साथ हल्की बारिश और वज्रपात की आशंका | येलो अलर्ट (Yellow Alert) |
मौसम विभाग की चेतावनी: मछुआरों को अगले 3 दिनों तक केरलम, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों के पास अरब सागर में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने और 45-55 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
खेती और अर्थव्यवस्था के लिए वरदान है समय पर मानसून
भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की लगभग 50% से अधिक कृषि भूमि सीधे तौर पर सिंचाई के लिए मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। केरलम में मानसून का समय पर आगमन भारतीय किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
धान (Rice), मक्का, सोयाबीन, कपास और अरहर जैसी खरीफ फसलों (Kharif Crops) की बुवाई पूरी तरह से इसी बारिश पर टिकी होती है। समय पर और अच्छी बारिश होने से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि देश में खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है और महंगाई पर लगाम लगाने में मदद मिलती है। जलाशय और नदियां एक बार फिर पानी से लबालब होने के लिए तैयार हैं, जिससे आने वाले महीनों में जल संकट से भी मुक्ति मिलेगी।

ये भी पढ़े– Delhi Malviya Nagar Fire LIVE Updates: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में 21 की मौत, रेस्क्यू में घायल 10 पुलिसकर्मी AIIMS में भर्ती।
Discover more from Live India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




