CBSE Re-Evaluation Portal Launch होते ही हुआ ठप, छात्रों की बढ़ी परेशानी; बोर्ड ने कहा- फिर से हुआ एक्टिव।
CBSE Class 12 Re-Evaluation Portal Crashed and Active Again: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं के अंकों के वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन (Re-Evaluation) के लिए जैसे ही आधिकारिक पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल लाइव किया गया, वैसे ही भारी तकनीकी खराबी के चलते यह पूरी तरह क्रैश हो गया। सर्वर ठप होने की वजह से देश भर के लाखों छात्र और उनके अभिभावक परेशान हो उठे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर छात्रों ने लॉगिन न होने, ब्लैंक पेज दिखने और सबमिशन एरर की शिकायतों की बाढ़ ला दी।
हालांकि, छात्रों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए सीबीएसई ने तुरंत मोर्चा संभाला। बोर्ड ने पुष्टि की है कि तकनीकी खामियों और सिक्योरिटी ऑडिट को पूरा कर अब पोर्टल को ‘फिर से एक्टिव’ कर दिया गया है। छात्र अब बिना किसी रुकावट के पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या थी छात्रों की परेशानी और क्यों क्रैश हुआ पोर्टल?
इस साल सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर पहले से ही काफी विवाद चल रहा था। कई छात्रों ने शिकायत की थी कि उनके सही उत्तरों पर भी गलत मार्किंग की गई है। ऐसे में लाखों छात्र एक साथ अपने नंबरों की दोबारा जांच कराने के लिए पोर्टल पर पहुंचे।
हैवी ट्रैफिक लोड: जून की शुरुआत में जैसे ही लिंक एक्टिव हुआ, सर्वर पर एक साथ लाखों हिट्स आए, जिसे पोर्टल का बैकएंड संभाल नहीं सका।
लॉगिन फेलियर और ब्लैंक स्क्रीन: छात्रों को लगातार कैप्चा एरर (Captcha Error) और वेबसाइट नॉट रिस्पॉन्डिंग की समस्या का सामना करना पड़ा।
अभिभावकों की चिंता: रिजल्ट में गड़बड़ियों के बाद यह पोर्टल छात्रों के लिए आखिरी उम्मीद था, जिसके बंद होने से उनका तनाव चरम पर पहुंच गया।
आईआईटी (IIT) एक्सपर्ट्स की मदद से बोर्ड ने सुधारी व्यवस्था
इस गंभीर तकनीकी संकट से निपटने के लिए सीबीएसई ने IIT कानपुर और IIT मद्रास के आईटी विशेषज्ञों की टीम को काम पर लगाया। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की मदद से पूरे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर किया गया।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक और अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए अंतिम समय में ‘सिक्योरिटी ऑडिट’ किया गया, जिसके कारण लिंक एक्टिव होने में कुछ घंटों की देरी हुई। अब इस पोर्टल को पूरी तरह रिपेयर और अपग्रेड कर दिया गया है ताकि एक समय पर भारी ट्रैफिक होने पर भी यह सुचारू रूप से काम कर सके।
इस बार लागू हुआ बड़ा बदलाव: ‘Aadhaar Verification’ हुआ अनिवार्य
सीबीएसई ने इस बार साइबर सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए पोर्टल के लॉगिन प्रोसेस में एक बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों को री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर आवेदन करने के लिए आधार कार्ड आधारित वेरिफिकेशन (Aadhaar-based Authentication) प्रक्रिया से गुजरना होगा। बिना आधार वेरिफिकेशन के कोई भी छात्र आगे फॉर्म सबमिट नहीं कर पाएगा।
फीस में दी गई भारी राहत (New Reduced Fee Structure)
इस साल छात्रों के विरोध को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन की फीस में भारी कटौती की है, जो इस प्रकार है
| सेवा का नाम (Service) | पुरानी फीस (Old Fee) | नई संशोधित फीस (New Fee 2026) |
| अंकों का वेरिफिकेशन (Verification of Marks) | ₹500 प्रति विषय | ₹100 प्रति विषय |
| उत्तर पुस्तिका की कॉपी (Scanned Copy) | ₹700 प्रति विषय | ₹100 प्रति विषय |
| पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) | ₹100 प्रति प्रश्न | ₹25 प्रति प्रश्न |
बड़ी राहत: बोर्ड ने यह भी घोषणा की है कि यदि रीcheck या वेरिफिकेशन के बाद किसी छात्र के नंबरों में बढ़ोतरी होती है, तो उनकी आवेदन फीस पूरी तरह रिफंड (Refund) कर दी जाएगी।
री-इवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
सीबीएसई के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन कर आवेदन कर सकते हैं:
सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।
होमपेज पर चमक रहे ‘Post Result Services 2026‘ या ‘Verification & Re-evaluation’ लिंक पर क्लिक करें।
अपना रोल नंबर, स्कूल कोड और आवश्यक क्रेडेंशियल्स दर्ज कर लॉगिन करें।
सुरक्षा के लिए मांगे गए अपने Aadhaar Card Verification को पूरा करें।
इसके बाद उस विषय और विशिष्ट प्रश्नों का चयन करें जिन्हें आप चैलेंज करना चाहते हैं।
निर्धारित ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से फीस का भुगतान करें।
फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए पुष्टिकरण रसीद (Confirmation Page) डाउनलोड कर लें।

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