Stock Market Crash: सेंसेक्स 508 अंक लुढ़का, निफ्टी 165 अंक टूटा, निवेशकों को बड़ा झटका।
Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी 1 जून 2026 को दलाल स्ट्रीट पर एक बार फिर हाहाकार मच गया। शुरुआती कारोबार में बढ़त बनाने के बाद, बाजार ऊपरी स्तरों को संभाल नहीं पाया और मुनाफावसूली के दबाव में आकर औंधे मुंह गिर गया।
बाजार बंद होने तक BSE सेंसेक्स 508.40 अंक (0.68%) की गिरावट के साथ 74,267.34 के स्तर पर आ गया। वहीं, NSE निफ्टी 50 भी 165.15 अंक (0.70%) टूटकर 23,382.60 के स्तर पर बंद हुआ। इस तेज गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है।
निवेशकों के ₹4.26 लाख करोड़ डूबे
बाजार में मचे इस हाहाकार के कारण केवल एक दिन में निवेशकों को करीब ₹4.26 लाख करोड़ का बड़ा झटका लगा। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) पिछले कारोबारी सत्र के ₹464.97 लाख करोड़ से घटकर ₹460.70 लाख करोड़ पर आ गया। बाजार का यह लगातार चौथा गिरावट भरा सत्र रहा, जिससे पिछले 4 दिनों में निवेशकों को करीब 2,220 अंकों का नुकसान उठाना पड़ा है।
बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण
एक्सपर्ट्स के अनुसार, घरेलू और वैश्विक स्तर पर बन रही परिस्थितियों ने बाजार का सेंटिमेंट खराब किया है। मुख्य रूप से निम्नलिखित 5 कारणों से बाजार में यह बड़ी गिरावट आई।
मिडल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव:- अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष और गहरा गया है। हाल ही में हुए ड्रोन हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने शांति समझौते की उम्मीदों को झटका दिया है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है।
कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल:- वैश्विक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 3% से ज्यादा बढ़कर $94 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का महंगा होना देश में महंगाई और व्यापार घाटे (Trade Deficit) को बढ़ा सकता है।
FII की लगातार बिकवाली:- विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। मई महीने में FII ने ₹55,963 करोड़ से अधिक की शुद्ध बिकवाली की, जिसका दबाव आज भी मार्केट पर साफ देखा गया।
कमजोर मानसून का अनुमान:- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए ‘सामान्य से कम’ (दीर्घकालिक औसत का 90%) बारिश का अनुमान लगाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और FMCG व ऑटो सेक्टर की मांग प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।
India VIX में उछाल:- बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला सूचकांक ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) 9% बढ़कर 16.35 के स्तर पर पहुंच गया, जो दर्शाता है कि आने वाले दिनों में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस:- IT को छोड़कर बाकी सब लाल निशान में
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार निफ्टी ऑटो (-1.70%) और निफ्टी बैंक (-1.10%) पर पड़ी। बैंकिंग और ऑटोमोबाइल के हैवीवेट शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। हालांकि, विपरीत परिस्थितियों के बावजूद निफ्टी आईटी (Nifty IT) इंडेक्स 2.66% की बढ़त के साथ बाजार का एकमात्र सहारा बना रहा, जिसमें इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाई।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट-टर्म में बाजार का टेक्सचर थोड़ा कमजोर दिख रहा है। निफ्टी के लिए 23,250 से 23,200 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम करेगा। यदि यह स्तर भी टूटता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है। ऐसे अस्थिर माहौल में निवेशकों को घबराकर पैनिक सेलिंग (Panic Selling) करने से बचना चाहिए और अच्छे फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप शेयरों में SIP के जरिए धीरे-धीरे खरीदारी करने की रणनीति अपनानी चाहिए।

ये भी पढ़े–
Royal Enfield Bullet 650 लॉन्च: दमदार 650cc इंजन के साथ आई नई बुलेट, जानें कीमत और फीचर्स।
Stock Market Crash: सेंसेक्स 1092 अंक टूटा, आखिरी आधे घंटे में बाजार में भारी बिकवाली
Discover more from Live India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




