Tiranga March News: राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (Connaught Place) में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के आह्वान के बाद शुक्रवार को दिनभर भारी गहमागहमी देखने को मिली। नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू होने और प्रशासन से औपचारिक अनुमति न मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस की ओर बढ़ने लगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक आवागमन सुचारु रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और आइसा (AISA) अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क में कड़ी सुरक्षा
मार्च के आह्वान को देखते हुए नई दिल्ली जिला पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को एहतियातन दो दिनों के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया गया और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन व इनर-आउटर सर्कल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाके के प्रमुख चौराहों पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि बिना पूर्व अनुमति के ऐसे संवेदनशील व्यावसायिक क्षेत्र में किसी भी बड़े जमावड़े की इजाजत नहीं दी जा सकती।
दिपके और नेहा बोरा की अलग-अलग जगहों से हिरासत
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे प्रमुख चेहरों को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक लिया
अभिजीत दिपके:- दिपके को उनके निवास स्थान से बाहर निकलते ही पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना था कि यह कदम सुरक्षा व्यवस्था के तहत और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया।
नेहा बोरा:- आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा मंडी हाउस की तरफ से कार्यकर्ताओं के साथ आगे बढ़ रही थीं, जहां पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में लिया।
अन्य प्रदर्शनकारी:- कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और पालिका बाजार के आसपास तिरंगा लेकर नारेबाजी करने का प्रयास कर रहे लगभग 150 अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस वैनों में बैठाकर नजदीकी पुलिस थानों और डिटेंशन केंद्रों में ले जाया गया।
पुलिस का रुख:- कानून-व्यवस्था से समझौता नहींदिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू थी। आयोजकों को पहले ही नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया गया था कि वे कानून का उल्लंघन न करें। पुलिस का तर्क है कि त्योहारी सीजन में कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त बाजार में बिना अनुमति रैली या मार्च निकालने से आम जनता, दुकानदारों और यातायात पर गंभीर असर पड़ता। किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। आयोजकों का पक्ष वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों का दावा था कि यह केवल एक शांतिपूर्ण ‘तिरंगा मार्च’ था, जिसका उद्देश्य शांतिपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज लहराना था। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति पर अनावश्यक पाबंदियां लगाई गईं।दिन ढलने तक कनॉट प्लेस के प्रमुख व्यावसायिक हिस्सों में स्थिति नियंत्रण में रही, हालांकि भारी सुरक्षा तैनाती के कारण आसपास के मार्गों पर ट्रैफिक धीमा दर्ज किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट:- कॉकरोच पार्टी के तिरंगा मार्च पर पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी खबर में अब आधिकारिक पुष्टि और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। पुलिस का पक्ष और प्रदर्शनकारियों की स्थिति सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
नोट: प्रकाशन से पहले घटना की तारीख, स्थान, पुलिस का आधिकारिक बयान और हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या की पुष्टि अवश्य करें।

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