Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए जून महीने का आखिरी कारोबारी दिन (मंगलवार) निराशाजनक रहा। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और घरेलू स्तर पर मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी (F&O Expiry) से पहले की वोलैटिलिटी के कारण बाजार लगातार दूसरे दिन लाल निशान में बंद हुआ। आईटी (IT), एफएमसीजी (FMCG) और मीडिया सेक्टर में हुई भारी बिकवाली ने आज बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया।
दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 249.70 अंक या 0.33% की गिरावट के साथ 76,478.67 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.50 अंक या 0.34% कमजोर होकर 23,865.75 पर आकर थमा। आज के कारोबार में निफ्टी एक समय 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं सका।
बाजार की आज की बड़ी बातें
सेंसेक्स का निचला स्तर:- 76,621.75 तक फिसलने के बाद 76,479 के करीब बंद।
निफ्टी की कमजोरी:- 23,866 के पास क्लोजिंग, 23,900 का सपोर्ट लेवल भी टूटा।
सेक्टर का हाल:- IT, FMCG और मीडिया में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर ने बाजार को संभालने की कोशिश की।
विदेशी निवेशकों (FIIs) का रुख:- विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली से घरेलू सेंटीमेंट प्रभावित हुआ।
क्यों गिरा आज शेयर बाजार? (3 मुख्य कारण)
1. पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions)
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और सीजफायर उल्लंघन के आरोपों ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इस तनाव की वजह से कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखा गया, जो $73 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारतीय बाजारों के लिए हमेशा निगेटिव साबित होती है।
2. IT शेयरों में भारी बिकवाली (Heavy Selling in IT Sector)
अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं और वैश्विक मांग में अनिश्चितता के कारण आज आईटी इंडेक्स 1.5% से ज्यादा टूट गया। इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।
3. मंथली एक्सपायरी और डॉलर की मजबूती (Monthly Expiry Volatility)
जून महीने के अंतिम सप्ताह में होने वाली मंथली फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) एक्सपायरी के कारण ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन हल्की की। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 94.54 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ, जिसने विदेशी फंड्स के आउटफ्लो (FII Outflow) को बढ़ावा दिया।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल (Sectoral Performance)
आज के कारोबार में बाजार का चौतरफा रुझान नकारात्मक रहा। निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी मीडिया में भारी गिरावट देखी गई। हालांकि, डिफेंसिव बाइंग के चलते हेल्थकेयर, फार्मा और चुनिंदा मेटल शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज की गई।
| इंडेक्स (Index) | स्थिति (Status) | मुख्य ड्रैगर्स / मूवर्स |
| निफ्टी आईटी (Nifty IT) | 1.5% से ज्यादा डाउन | इंफोसिस, कोफोर्ज |
| निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) | गिरावट | महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति (शुरुआती बढ़त के बाद) |
| निफ्टी फार्मा (Nifty Pharma) | 1% से ज्यादा की बढ़त | डॉ रेड्डीज, मैक्स हेल्थकेयर |
| बैंक निफ्टी (Bank Nifty) | 184 अंक की गिरावट | कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक |
आज के टॉप गेनर्स और लूजर्स (Top Gainers & Losers)
Nifty 50 के टॉप गेनर्स
मैक्स हेल्थकेयर (Max Healthcare): +2.37%
डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज (Dr. Reddy’s Labs): +2.26%
कोल इंडिया (Coal India): +1.72%
टाइटन कंपनी (Titan Company): +1.57%
Nifty 50 के टॉप लूजर्स
कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): -2.93%
महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M): -2.43%
अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises): -2.24%
इंफोसिस (Infosys): -1.90%
आगे के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय? (Market Outlook)
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए अब 23,800 से 23,850 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बन गया है। अगर निफ्टी इस स्तर के नीचे फिसलता है, तो बाजार में 23,650 तक की और गिरावट देखी जा सकती है। वहीं, ऊपरी स्तरों पर 24,070 और 24,100 मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में काम करेंगे। जब तक पश्चिम एशिया के हालातों में सुधार नहीं होता और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत नहीं मिलते, तब तक निवेशकों को संभलकर व्यापार करने की सलाह दी जाती है।

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