Sensex-Nifty Update: भारतीय शेयर बाजार में 27 अगस्त 2026 को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद कारोबार के अंतिम चरण में बिकवाली तेज हुई और बीएसई सेंसेक्स 539.34 अंक यानी 0.70% गिरकर 76,933.59 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 116.90 अंक यानी 0.48% की गिरावट आई और यह 24,090.85 के स्तर पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक दिन के निचले स्तरों के आसपास बंद हुए।
दिनभर कैसा रहा शेयर बाजार का कारोबार?
कारोबार की शुरुआत के बाद बाजार में कुछ समय तक उतार-चढ़ाव बना रहा। हालांकि, सत्र के अंतिम हिस्से में बिकवाली का दबाव बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नीचे आ गए। सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 77,472.94 अंक के मुकाबले गिरकर 76,933.59 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 24,100 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार की इस गिरावट में बड़े शेयरों की कमजोरी का अहम योगदान रहा। खासतौर पर HDFC Bank के शेयर में तेज गिरावट ने सेंसेक्स पर दबाव बढ़ाया। Reuters के अनुसार, बैंक का शेयर करीब 2.2% गिरा और यह सेंसेक्स की गिरावट के प्रमुख कारणों में शामिल रहा।
HDFC Bank ने बढ़ाया सेंसेक्स पर दबाव
भारी वेटेज वाले HDFC Bank में आई गिरावट का सीधा असर सेंसेक्स की चाल पर पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक का शेयर अपने करीब ढाई साल के निचले स्तर तक पहुंच गया। अमेरिकी क्लास-एक्शन मुकदमे से जुड़ी रिपोर्टों और बैंक के CEO के कार्यकाल को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
बेंचमार्क इंडेक्स में बड़े वेटेज वाले शेयरों की कीमतों में तेज बदलाव का पूरे बाजार पर असर पड़ता है। यही वजह रही कि कुछ अन्य शेयरों में मजबूती के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी दिन के अंत तक दबाव में रहे।
ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली
27 अगस्त के कारोबारी सत्र में बाजार का रुझान व्यापक रूप से कमजोर रहा। Reuters के मुताबिक, 16 प्रमुख सेक्टरों में से 11 सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। धातु समेत कई क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली, जबकि कुछ चुनिंदा शेयरों और सेक्टरों ने गिरावट के बीच बेहतर प्रदर्शन किया।
हालांकि, व्यापक बाजार में स्थिति अपेक्षाकृत संतुलित रही और स्मॉलकैप तथा मिडकैप सेगमेंट में बेंचमार्क इंडेक्स जैसी तेज कमजोरी नहीं दिखी। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की बिकवाली मुख्य रूप से कुछ बड़े और चुनिंदा शेयरों में ज्यादा केंद्रित रही।
एक्सपायरी के दिन बढ़ी बाजार की अस्थिरता
मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण भी बाजार में अस्थिरता बढ़ी। कारोबारी सत्र के अंतिम मिनटों में सेंसेक्स में असाधारण उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार, नए Closing Auction Session (CAS) तंत्र के बीच आखिरी चरण में तेज गिरावट आई और सेंसेक्स कुछ ही मिनटों में 2,000 से अधिक अंक तक नीचे चला गया, हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी हुई और अंततः 539.34 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ।
इस तेज उतार-चढ़ाव ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। एक्सपायरी के दिन वायदा और विकल्प बाजार में पोजीशन समायोजन के कारण अक्सर वोलैटिलिटी बढ़ जाती है। इस सत्र में भी अंतिम घंटों की हलचल ने बाजार की क्लोजिंग को प्रभावित किया।
ग्लोबल संकेतों का भी बाजार पर असर
भारतीय बाजार को वैश्विक संकेतों से भी मिश्रित संदेश मिले। जहां एशियाई बाजारों में कुछ जगह मजबूती दिखाई दी, वहीं भारतीय शेयर बाजार बड़े घरेलू शेयरों में बिकवाली के कारण दबाव में रहा। अमेरिकी बाजारों में मुद्रास्फीति को लेकर चिंता और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी बाजार के लिए सकारात्मक कारक हो सकती है, लेकिन घरेलू शेयरों में बिकवाली और बड़े बैंकिंग शेयरों की कमजोरी ने उस राहत को सीमित कर दिया।
लगातार दूसरे दिन बाजार में गिरावट
27 अगस्त को आई गिरावट के साथ भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में कमजोर बंद हुआ। इससे पहले 26 अगस्त को भी सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आने वाले कारोबारी सत्र पर रहेगी कि क्या बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटती है या फिर बिकवाली का दबाव जारी रहता है।
बाजार की आगे की दिशा घरेलू और वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, प्रमुख कंपनियों से आने वाली खबरों और तकनीकी स्तरों पर निर्भर करेगी। निवेशक आने वाले दिनों में बैंकिंग शेयरों और प्रमुख सेक्टरों की चाल पर विशेष नजर रख सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
शेयर बाजार में एक दिन की बड़ी गिरावट को देखकर तुरंत निवेश निर्णय लेना हमेशा सही रणनीति नहीं होती। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है और निवेशकों को अपने निवेश की अवधि, जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनियों की बुनियादी स्थिति, आय, कर्ज, भविष्य की विकास संभावनाएं और वैल्यूएशन महत्वपूर्ण होते हैं। वहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए बाजार की अस्थिरता जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपनी रिसर्च करना या योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लेना जरूरी है।
Sensex Today: आगे बाजार पर रहेगी नजर
अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर होगी। 76,900 के आसपास सेंसेक्स और 24,100 के आसपास निफ्टी का स्तर बाजार के लिए अहम मनोवैज्ञानिक स्तर बन सकता है। हालांकि बाजार की आगे की दिशा को लेकर निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है और यह आने वाले घरेलू व वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल 27 अगस्त 2026 के कारोबारी सत्र का निष्कर्ष यही रहा कि अंतिम चरण की तेज बिकवाली ने बाजार का रुख पूरी तरह बदल दिया। सेंसेक्स 539.34 अंक गिरकर 76,933.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 116.90 अंक फिसलकर 24,090.85 पर बंद हुआ।

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