Sensex Today: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 548 अंक टूटकर 71,925 पर बंद; निफ्टी 157 अंक फिसला

Sensex Today: 12 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स 547.65 अंक गिरकर 71,924.68 पर बंद हुआ। निफ्टी 157.10 अंक टूटकर 22,363.35 पर आया। जानें बाजार में गिरावट की वजहें।

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Sensex Today: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 548 अंक टूटकर 71,925 पर बंद; निफ्टी 157 अंक फिसला

Sensex Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को भी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76% टूटकर 71,924.68 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 157.10 अंक यानी 0.70% की गिरावट आई और यह 22,363.35 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक रहे।

Sensex Today: सेंसेक्स 548 अंक गिरकर बंद

सोमवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार ने शुरुआती बढ़त के बाद अपनी तेजी गंवा दी। बिकवाली का दबाव बढ़ने से सेंसेक्स नीचे आ गया और अंत में 71,924.68 पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ सेंसेक्स एक बार फिर 72,000 के स्तर से नीचे चला गया।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 71,676.10 रहा, जबकि दिन का उच्च स्तर 72,884.25 दर्ज किया गया। इससे पता चलता है कि शुरुआती कारोबार में खरीदारी के बावजूद बाजार अपनी बढ़त को बरकरार नहीं रख सका।

Nifty Today: निफ्टी 22,400 के नीचे फिसला

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी 157.10 अंक यानी 0.70% टूटकर 22,363.35 पर आ गया। इस तरह प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 22,400 के अहम स्तर से नीचे बंद हुआ।

बाजार में आई कमजोरी से निवेशकों का रुझान सतर्क दिखाई दिया। खासकर आईटी, एफएमसीजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बनाया। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला।

शेयर बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजहें

1. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चा तेल महंगा होने से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो परिवहन, विमानन और अन्य तेल-निर्भर क्षेत्रों की कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इससे निवेशकों की धारणा भी प्रभावित हो सकती है।

2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली घरेलू बाजार के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण चिंता है। विदेशी निवेशक जब भारतीय शेयरों से पैसा निकालते हैं, तो बाजार में बिक्री का दबाव बढ़ सकता है।

वैश्विक अनिश्चितता, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अन्य बाजारों में निवेश के अवसर विदेशी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे माहौल में घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका रहती है। 

3. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ता है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक चिंताओं के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच सकते हैं।

जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी रहती है, तो इसका असर घरेलू निवेशकों की कारोबारी धारणा पर भी पड़ सकता है। सोमवार को वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ी चिंताओं ने बाजार की तेजी को टिकने नहीं दिया।

4. बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी

अमेरिकी और अन्य प्रमुख बाजारों में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी बाजारों पर दबाव आ सकता है। अधिक बॉन्ड यील्ड के माहौल में कुछ निवेशक शेयरों के बजाय अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

इसका असर खासकर उन शेयरों पर पड़ सकता है जिनकी कीमतें भविष्य में होने वाली कमाई की उम्मीदों पर अधिक निर्भर करती हैं। सोमवार की गिरावट में ऊंची बॉन्ड यील्ड भी चिंता का एक कारण रही।

5. मुनाफावसूली और चुनिंदा शेयरों में बिकवाली

बाजार में गिरावट की एक वजह निवेशकों की मुनाफावसूली भी रही। जब निवेशक मौजूदा परिस्थितियों में जोखिम कम करना चाहते हैं, तो वे अपने शेयर बेचकर मुनाफा सुरक्षित कर सकते हैं या संभावित नुकसान से बचने की कोशिश करते हैं।

इसके अलावा, आईटी, एफएमसीजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।

इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल

सोमवार को निफ्टी 50 के कई प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान उपलब्ध बाजार रिपोर्टों के अनुसार, अपोलो हॉस्पिटल्स, ITC और टेक महिंद्रा प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

इसके विपरीत, कुछ शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बीच बेहतर प्रदर्शन किया। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में मजबूती देखने को मिली।

शेयरों का प्रदर्शन अलग-अलग रहने से यह स्पष्ट हुआ कि बाजार की गिरावट के बावजूद कुछ क्षेत्रों और कंपनियों में खरीदारी बनी रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन

बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग रही। निफ्टी मिडकैप 100 लगभग 0.08% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1.42% की तेजी दर्ज की गई।

इससे संकेत मिलता है कि सोमवार को बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव अधिक रहा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणी के कुछ शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। हालांकि, किसी एक कारोबारी सत्र के प्रदर्शन को भविष्य की तेजी का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

शेयर बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों के लिए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना जरूरी है। कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर आगे भी बाजार की नजर रह सकती है।

निवेशकों को किसी शेयर में खरीदारी या बिकवाली का फैसला केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर नहीं लेना चाहिए। कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, शेयर की कीमत और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।

छोटी अवधि में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए बाजार में उतार-चढ़ाव जोखिम बढ़ा सकता है। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों को अपने निवेश लक्ष्य और पोर्टफोलियो की समीक्षा करते हुए सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार की मदद लेना भी उपयोगी हो सकता है।

नोट- 12 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के साथ कारोबार समाप्त हुआ। सेंसेक्स 547.65 अंक टूटकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता और चुनिंदा सेक्टरों में दबाव ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के प्रवाह और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। हालांकि, बाजार की अगली दिशा का अनुमान लगाने के लिए इन कारकों के साथ अन्य आर्थिक संकेतकों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

Sensex Today 12 Oct 2026- Live India News
Sensex Today: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 548 अंक टूटकर 71,925 पर बंद; निफ्टी 157 अंक फिसला

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