Azam Khan Arrest: उत्तर प्रदेश की राजनीति से शनिवार को बड़ी खबर सामने आई। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से रिहाई मिली, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
- जेल से बाहर आते ही ED ने किया गिरफ्तार
- 11 महीने बाद जेल से बाहर आए थे आजम खान
- दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से मिली थी राहत
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31 अक्टूबर 2026 को आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई हुई थी। दोनों को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। हालांकि, आजम खान के लिए जेल से बाहर आने की खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। जेल के बाहर मौजूद ED की टीम ने उन्हें अपनी कार्रवाई के तहत हिरासत में ले लिया।
जेल से बाहर आते ही ED ने किया गिरफ्तार
आजम खान की रिहाई को लेकर रामपुर जेल के बाहर समर्थकों और मीडिया की भीड़ मौजूद थी। जैसे ही आजम खान जेल से बाहर निकले, वहां पहले से मौजूद प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने उन्हें अपने साथ ले लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED की टीम पैरामिलिट्री फोर्स के साथ रामपुर जेल पहुंची थी। एजेंसी की कई गाड़ियां जेल के बाहर मौजूद थीं। आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद हुई इस कार्रवाई ने सभी को चौंका दिया।
रिहाई के बाद आजम खान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अब बोलने के लिए क्या रह गया है और कानून खत्म हो गया है। उनके बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गईं।
11 महीने बाद जेल से बाहर आए थे आजम खान
आजम खान पिछले करीब 11 महीने से रामपुर जेल में बंद थे। उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 17 नवंबर 2025 को दो पैन कार्ड रखने के मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी।
इस मामले में आजम खान और उनके बेटे पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप थे। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था।
हालांकि, आजम खान ने निचली अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 29 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट ने दोनों को राहत देते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी और जमानत मंजूर कर दी।
इसके बाद रिहाई की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और 31 अक्टूबर को दोनों जेल से बाहर आए।
दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से मिली थी राहत
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पैन कार्ड रखने का मामला काफी समय से चर्चा में था।
इस मामले में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम के पास अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड थे। इस मामले में आजम खान पर भी आरोप लगे थे।
रामपुर की अदालत ने नवंबर 2025 में दोनों को सात साल की सजा सुनाई थी। बाद में इस सजा को लेकर हाईकोर्ट में अपील की गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2026 में दोनों की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत दे दी। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। इसका मतलब है कि दोषसिद्धि का फैसला अभी कानूनी रूप से बरकरार है और मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रह सकती है।
अब्दुल्ला आजम घर पहुंचे, आजम खान को ED ने पकड़ा
इस पूरे घटनाक्रम में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की स्थिति अलग-अलग रही।
दोनों को एक ही दिन रामपुर जेल से रिहाई मिली थी। अब्दुल्ला आजम जेल से बाहर निकलने के बाद अपने घर चले गए, जबकि आजम खान को जेल के बाहर ही ED की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि आजम खान के खिलाफ ED से जुड़े एक अलग मामले में कार्रवाई की गई है। यह मामला मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है।
इस तरह दो पैन कार्ड मामले में राहत मिलने के बावजूद आजम खान को दूसरे मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
आजम खान के बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
जेल से बाहर निकलते ही ED की कार्रवाई के बाद आजम खान ने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अब वह क्या बोलें और कानून खत्म हो गया है।
उन्होंने अपनी बात रखते हुए मुस्लिम होने और विश्वविद्यालय बनाने को लेकर भी टिप्पणी की। उनका यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह रामपुर से कई बार विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा के साथ-साथ कई कानूनी मामले भी चर्चा में रहे हैं।
अब आगे क्या होगा?
आजम खान की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि ED उनसे किस मामले में पूछताछ करेगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी।
जांच एजेंसी की ओर से संबंधित मामले में पूछताछ और अदालत के समक्ष आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। गिरफ्तारी के बाद रिमांड और न्यायिक हिरासत को लेकर अदालत का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से राहत मिली थी, लेकिन जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं।
नोट:- 31 अक्टूबर 2026 का दिन आजम खान के लिए काफी अहम रहा। करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आने के कुछ ही समय बाद ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एक तरफ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम घर पहुंच गए, वहीं आजम खान को नई कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। अब सभी की नजरें ED की जांच और अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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