Marathi Movie Gondhal: मराठी सिनेमा के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। संतोष दावखर के निर्देशन में बनी मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें Academy Awards यानी Oscars 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने 18 सितंबर 2026 को इसकी घोषणा की। ‘गोंधल’ को Best International Feature Film कैटेगरी के लिए भारत की ओर से भेजा जाएगा। फिल्म का चयन 33 फिल्मों में से किया गया है।
- 33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधल’
- क्या है महाराष्ट्र की ‘गोंधल’ परंपरा?
- क्या ‘गोंधल’ को ऑस्कर मिलेगा?
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33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधल’
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की चयन समिति ने अलग-अलग भारतीय भाषाओं की कुल 33 फिल्मों पर विचार किया। समिति की अध्यक्षता पी. शेषाद्री ने की। रिपोर्टों के अनुसार ज्यूरी ने इन फिल्मों को देखने और विचार करने के बाद ‘गोंधल’ को भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री के रूप में चुना।
इस सूची में कई चर्चित फिल्में भी शामिल थीं। इनमें ‘धुरंधर’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘हनुमान अंश’ के अलावा अलग-अलग भाषाओं की कई फिल्में शामिल थीं। हालांकि, भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर ‘गोंधल’ का चयन हुआ।
क्या है फिल्म ‘गोंधल’ की कहानी?
‘गोंधल’ की कहानी ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि में एक रात के दौरान होने वाली घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में महाराष्ट्र की पारंपरिक गोंधल रस्म और लोक प्रदर्शन कला को कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
फिल्म की कहानी सुमन नाम की महिला के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है। वह एक ऐसे विवाह में फंसी हुई है जिससे वह खुश नहीं है। इसी दौरान उसके जीवन में एक दूसरे व्यक्ति के आने से परिस्थितियां बदलती हैं और कहानी रिश्तों, भावनाओं, धोखे और खतरे की दिशा में बढ़ती है।
रातभर चलने वाले गोंधल समारोह के बीच कहानी में रिश्तों और रहस्य की कई परतें सामने आती हैं। यही वजह है कि फिल्म को लोक संस्कृति से जुड़ी कहानी के साथ-साथ एक थ्रिलर के रूप में भी पेश किया गया है।
क्या है महाराष्ट्र की ‘गोंधल’ परंपरा?
‘गोंधल’ महाराष्ट्र की पारंपरिक धार्मिक और लोक प्रदर्शन परंपराओं में से एक है। इसमें भक्ति गीत, संगीत, नृत्य, कथा-वाचन और देवी-देवताओं की आराधना जैसे तत्व शामिल होते हैं। यह परंपरा कई बार पारिवारिक और महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों से भी जुड़ी होती है।
गोंधल प्रदर्शन में पारंपरिक वाद्य यंत्रों, गीत और नृत्य के माध्यम से धार्मिक कथाओं और लोक परंपराओं को प्रस्तुत किया जाता है। रात के समय होने वाला यह आयोजन अपने संगीत और दृश्यात्मक प्रस्तुति के लिए भी जाना जाता है।
फिल्म की खासियत यह है कि गोंधल परंपरा को केवल पृष्ठभूमि के तौर पर नहीं रखा गया है, बल्कि इसे कहानी के केंद्र में शामिल किया गया है।
संतोष दावखर ने किया निर्देशन
‘गोंधल’ को संतोष दावखर ने लिखा और निर्देशित किया है। यह उनका फीचर फिल्म निर्देशन में महत्वपूर्ण काम है। फिल्म का प्रीमियर 2025 में International Film Festival of India (IFFI) में हुआ था, जहां दावखर को Silver Peacock for Best Director से सम्मानित किया गया था। फिल्म को बाद में Bengaluru International Film Festival में भी पहचान मिली।
फिल्म में इशिता देशमुख, किशोर कदम, योगेश सोहोनी, निशाद भोईर और अनुज प्रभु प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का संगीत दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने दिया है।
ऑस्कर तक पहुंचने वाली चौथी मराठी फिल्म
‘गोंधल’ का चयन मराठी सिनेमा के लिए भी खास है। यह भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री बनने वाली चौथी मराठी फिल्म है।
इससे पहले मराठी फिल्मों ‘श्वास’ (2005), ‘हरिश्चंद्राची फैक्टरी’ (2009) और ‘कोर्ट’ (2015) को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए चुना जा चुका है।
इस तरह ‘गोंधल’ ने भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की उस परंपरा को आगे बढ़ाया है, जिसमें स्थानीय भाषा और संस्कृति की कहानियां अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच रही हैं।
क्या ‘गोंधल’ को ऑस्कर मिलेगा?
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। भारत की आधिकारिक एंट्री चुने जाने का मतलब ऑस्कर जीतना या अंतिम नामांकन मिलना नहीं है।
‘गोंधल’ अब Academy Awards की अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म प्रक्रिया में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। इसके बाद फिल्म को Academy की चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। अंतिम रूप से नामांकन मिलने के बाद ही यह ऑस्कर की प्रतिस्पर्धी सूची में शामिल होगी।
99वें Academy Awards का आयोजन 14 मार्च 2027 को लॉस एंजिल्स के Dolby Theatre में निर्धारित है।
मराठी सिनेमा के लिए क्यों खास है यह मौका?
‘गोंधल’ का चयन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि फिल्म की कहानी महाराष्ट्र की स्थानीय लोक परंपरा से जुड़ी है। इसमें ग्रामीण परिवेश, पारंपरिक रस्म, रिश्तों और रहस्य को एक साथ कहानी में पिरोया गया है।
एक क्षेत्रीय भाषा की फिल्म का भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री बनना यह दिखाता है कि भारतीय सिनेमा की कहानियां केवल हिंदी या बड़े व्यावसायिक सिनेमा तक सीमित नहीं हैं। अलग-अलग भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों से आने वाली फिल्में भी अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए चुनी जा सकती हैं।
नोट- Marathi Movie Gondhal को Oscars 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। संतोष दावखर की यह फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि और पारंपरिक गोंधल लोक-परंपरा को अपनी कहानी के केंद्र में रखती है।
33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधल’ अब 99वें Academy Awards में Best International Feature Film कैटेगरी के लिए भारत की ओर से दावेदारी पेश करेगी। हालांकि, ऑस्कर की अंतिम रेस में पहुंचने के लिए फिल्म को Academy की आगे की चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

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