PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 अगस्त 2026 को ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई प्रेरक कहानियों और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचारों का जिक्र किया। कार्यक्रम में इतिहास को रोचक बनाने की पहल, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, फूलों की खेती, वन संरक्षण, छात्राओं की अंतरिक्ष शिक्षा और किसानों की नई फसलों जैसे कई विषयों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री के संबोधन का एक महत्वपूर्ण संदेश ‘वोकल फॉर लोकल’ को लेकर रहा। उन्होंने आने वाले त्योहारों के मौसम का जिक्र करते हुए लोगों से भारत में बने सामान को प्राथमिकता देने की अपील की। वहीं, नशामुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री का संदेश युवाओं पर केंद्रित रहा, जिसे उन्होंने अगस्त की शुरुआत में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के दौरान भी प्रमुखता से उठाया था।
‘वोकल फॉर लोकल’ को लेकर पीएम मोदी की बड़ी अपील
‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले त्योहारों का जिक्र करते हुए Vocal for Local का संदेश दोहराया। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ का अर्थ सिर्फ मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है, बल्कि इसका दायरा काफी बड़ा है।
पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि घर के लिए सामान खरीदते समय यह जरूर देखें कि वह भारत में बना हुआ हो। उनके मुताबिक भारत को आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता देश में बने उत्पादों पर गर्व करने से मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री ने इस अभियान को आगे बढ़ाने में सोशल मीडिया क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोग खुद भी ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
नशामुक्ति पर युवाओं को दिया संदेश
नशे की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार युवाओं से अपील करते रहे हैं। अगस्त की शुरुआत में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के शुभारंभ के दौरान उन्होंने कहा था कि ड्रग्स कुछ समय के लिए ‘हाई’ दे सकता है, लेकिन करियर और पारिवारिक जीवन को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी क्षमता और भविष्य को सुरक्षित रखने का आह्वान किया था।
ऐसे में नशामुक्ति और युवा शक्ति का संदेश सरकार के व्यापक विकसित भारत अभियान से भी जुड़ता है। युवाओं को शिक्षा, कौशल, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वच्छता के लिए युवाओं की पहल का किया जिक्र
पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर के पटवाई गांव की कहानी भी साझा की। यहां आकाश और रोहन नाम के दो युवाओं ने अपने आसपास फैली गंदगी को देखकर खुद सफाई अभियान शुरू किया।
धीरे-धीरे दूसरे युवा भी इस अभियान से जुड़ गए और ‘क्लीन-अप पटवाई’ नाम की टीम तैयार हुई। प्रधानमंत्री के मुताबिक इस टीम ने चार गंगा घाटों की सफाई की और एक टन से ज्यादा प्लास्टिक कचरा हटाया।
पीएम मोदी ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि किसी बड़े बदलाव की शुरुआत कई बार छोटे प्रयास से ही होती है। जब स्थानीय लोग किसी समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझकर काम करते हैं, तो उसका असर पूरे समाज पर दिखाई देता है।
अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता अभियान का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इस वर्ष यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरा एकत्र करके प्रोसेस किया गया।
यात्रियों को भी इस अभियान से जोड़ने की कोशिश की गई। पीएम मोदी ने बताया कि 16 हजार से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया और 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को ‘Responsible Yatri’ सर्टिफिकेट दिया गया।
इस दौरान घोड़ों और खच्चरों के गोबर से बायोगैस बनाने का प्रयोग भी किया गया। इससे तैयार क्लीन एनर्जी से ‘स्वच्छ ज्योत’ प्रज्ज्वलित की गई। प्रधानमंत्री ने इसे स्वच्छता, सेवा और आस्था के मेल का उदाहरण बताया।
महिला सशक्तिकरण की कहानी भी सुनाई
‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने निन्गम्मा जी की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि निन्गम्मा और उनके पति ने इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया था।
कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें PM SVANidhi योजना से मदद मिली। उन्होंने अपनी रेहड़ी को बेहतर किया, सामान थोक में खरीदना शुरू किया और मेन्यू में नए विकल्प जोड़े। इससे ग्राहकों की संख्या और कमाई दोनों बढ़ीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी महिला का कारोबार आगे बढ़ता है, तो उसका फायदा केवल महिला तक सीमित नहीं रहता। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और बच्चों की शिक्षा सहित दूसरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
किसानों के लिए नई संभावनाओं का जिक्र
प्रधानमंत्री ने एवोकाडो की खेती करने वाले किसानों की सफलता की कहानी भी साझा की। आंध्र प्रदेश के कडपा के किसान वरदराज जी ने अपने खेत में एवोकाडो की खेती शुरू की और इसके लिए ऑनलाइन जानकारी जुटाई।
इसी तरह तमिलनाडु के कोडाइकनाल और कर्नाटक के चिक्कमगलुरु के किसानों के उदाहरण भी पीएम मोदी ने दिए। उन्होंने बताया कि कुछ किसान पारंपरिक फसलों के साथ एवोकाडो जैसी फसलें उगाकर अपनी आय के नए स्रोत तैयार कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने इन उदाहरणों के जरिए किसानों को बदलती मांग और नई कृषि तकनीकों के साथ नए प्रयोग करने की प्रेरणा दी।
नागालैंड की महिला की फूलों की खेती ने बदली तस्वीर
नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो की कहानी भी प्रधानमंत्री ने सुनाई। किसान परिवार में पली-बढ़ीं वेसालु को बचपन से फूलों का शौक था। साल 2021 में उन्होंने छोटे स्तर पर फूलों की खेती शुरू की।
स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने ग्लेडियोलस की खेती की। शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने इसे बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री के मुताबिक उनके फूल अब नागालैंड से निकलकर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों तक पहुंच रहे हैं।
यह कहानी बताती है कि सही प्रशिक्षण और मेहनत के साथ छोटा शौक भी रोजगार और कारोबार का रास्ता बन सकता है।
Mission ShaktiSAT में बेटियों की उड़ान
प्रधानमंत्री ने Mission ShaktiSAT का भी जिक्र किया। इसके जरिए 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में सीखने का अवसर मिलने की बात कही गई।
23 अगस्त यानी National Space Day के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दूसरे देशों की छात्राएं इसमें हिस्सा ले रही हैं। इस पहल के तहत छात्राओं की भागीदारी से तैयार सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी है।
इतिहास को रोचक बनाने की पहल की सराहना
कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने तकनीक की मदद से भारतीय इतिहास को रोचक तरीके से समझाने के लिए एक वेबसाइट बनाई है।
पीएम मोदी ने कृष्णा शेषाद्री से फोन पर बातचीत भी की। बातचीत के दौरान भारतीय इतिहास की कम चर्चित हस्तियों और साम्राज्यों को लोगों तक पहुंचाने की उनकी कोशिश पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने इस बात की भी सराहना की कि वेबसाइट पर लोग अपनी गलतियों के सुधार और सुझाव भेज सकते हैं।
त्योहारों के मौसम में स्वदेशी खरीदारी पर जोर
आने वाले त्योहारों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और दीपावली की तैयारियों की बात की। इसी संदर्भ में उन्होंने एक बार फिर Vocal for Local को लोगों की खरीदारी का हिस्सा बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और विश्वकर्मा साथियों का सम्मान किया जाना चाहिए। त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पाद खरीदने से छोटे कारोबारियों और कारीगरों को सीधे लाभ मिल सकता है।
नोट- कुल मिलाकर PM Modi Mann Ki Baat की 137वीं कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी प्रेरक कहानियों को सामने रखा। नशामुक्ति से लेकर स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, किसानों की नई पहल, बेटियों की अंतरिक्ष यात्रा और ‘वोकल फॉर लोकल’ तक कई विषयों पर संदेश दिया गया।
इस संबोधन का एक प्रमुख संदेश यह रहा कि देश में बदलाव केवल सरकार की योजनाओं से नहीं, बल्कि आम लोगों के छोटे-छोटे प्रयासों और जिम्मेदार भागीदारी से भी आता है। वहीं त्योहारों के मौसम में भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील को आत्मनिर्भर भारत की सोच से जोड़ा गया।

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