Mahashivratri: बाबा विश्वनाथ की नगरी में तो जैसे स्वर्ग उतर आया हो। ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष और डमरू की गूंज से पूरी काशी गुंजायमान है। गंगा घाटों से लेकर मंदिर के गर्भगृह तक, भक्तों की मील लंबी कतारें श्रद्धा की अटूट मिसाल पेश कर रही हैं।
महाकालेश्वर (उज्जैन): उज्जैन में भस्म आरती के साथ उत्सव की शुरुआत हुई। यहाँ शिव को दूल्हे के रूप में सजाया गया है, और भक्तों का सैलाब इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए उमड़ पड़ा है।
अन्य शिवालय: केदारनाथ (जहां तैयारियों का जोश है) से लेकर दक्षिण के रामेश्वरम तक, हर जगह शिव भक्तों की भारी भीड़ और आस्था का माहौल है।
इस पर्व का महत्व
महाशिवरात्रि का पर्व आध्यात्मिक रूप से अंधकार पर प्रकाश की विजय और अपनी आंतरिक शक्ति को जागृत करने का प्रतीक है। आज के दिन लोग
उपवास (Vrat): इंद्रियों पर नियंत्रण और शुद्धि के लिए।
रुद्राभिषेक: जल, दूध और शहद से महादेव का अभिषेक कर सुख-शांति की कामना करते हैं।
जागरण: रात भर जागकर शिव नाम का कीर्तन करते हैं।
एक रोचक तथ्य: माना जाता है कि महाशिवरात्रि की रात ब्रह्मांड के उत्तरी गोलार्ध में ऊर्जा का प्रवाह प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर होता है, जो ध्यान और योग के लिए सबसे उपयुक्त समय है।
क्या आप भी आज किसी मंदिर दर्शन के लिए गए थे, या घर पर ही विशेष पूजा का आयोजन कर रहे हैं?

Latest Lifestyle News
T20 World Cup IND vs PAK: महामुकाबला आज, कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भिड़ेंगे चिर-प्रतिद्वंद्वी।
Discover more from Live India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

