West Bengal Re-polling: बंगाल में चुनावी धांधली पर EC का कड़ा एक्शन, 15 पोलिंग बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश
West Bengal Re-polling: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के बाद निर्वाचन आयोग (EC) ने एक बड़ा फैसला लिया है। मतदान के दौरान धांधली और गड़बड़ी की गंभीर शिकायतों के बाद राज्य के 15 पोलिंग बूथों पर पुनर्मतदान (Re-polling) का आदेश दिया गया है।
West Bengal Re-polling 2026: मुख्य जानकारी एक नजर में


क्यों लिया गया दोबारा मतदान का फैसला?
29 अप्रैल, 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हुआ था। हालांकि राज्य में 90% से अधिक का भारी मतदान दर्ज किया गया, लेकिन दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ क्षेत्रों से हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और EVM के साथ छेड़छाड़ की खबरें सामने आईं।
प्रमुख शिकायतें और अनियमितताएं
EVM पर टेप चिपकाना:- बीजेपी (BJP) ने आरोप लगाया कि कई बूथों पर EVM में उनके चुनाव चिह्न वाले बटन पर टेप चिपका दिया गया था, जिससे मतदाता उन्हें वोट न दे सकें। इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” का नाम देकर आयोग से शिकायत की गई थी।
कैमरे से निगरानी:- मगराहाट पश्चिम में कुछ मतदाताओं की जेब में ‘स्पाई कैमरे’ होने की शिकायत मिली, जिससे मतदान की गोपनीयता भंग होने का अंदेशा जताया गया।
बूथ जाम और हिंसा:- कई स्थानों पर विपक्षी दलों के पोलिंग एजेंटों को बाहर निकालने और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप भी लगे।
इन शिकायतों के बाद, चुनाव आयोग ने विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को जमीनी स्थिति की जांच के लिए भेजा। उनकी रिपोर्ट और रिटर्निंग ऑफिसर्स के इनपुट्स के आधार पर आयोग ने 29 अप्रैल को इन 15 बूथों पर हुए मतदान को शून्य (Void) घोषित कर दिया।
प्रभावित बूथों की पूरी सूची (List of Booths for Re-polling)
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निम्नलिखित बूथों पर कल यानी 2 मई को फिर से वोट डाले जाएंगे
EC की तैयारी: सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कल होने वाले पुनर्मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
प्रत्येक बूथ पर केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की भारी तैनाती की गई है।
सभी 15 बूथों की 100% वेबकास्टिंग (Webcasting) की जाएगी ताकि आयोग सीधे दिल्ली और कोलकाता से नजर रख सके।
पुनर्मतदान के लिए नए सिरे से EVM और VVPAT मशीनें आवंटित की गई हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस फैसले पर बंगाल की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा कि “डायमंड हार्बर में लोकतंत्र की हत्या की कोशिश की गई थी, जिसे आयोग ने नाकाम कर दिया है।”
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि हार के डर से विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों और आयोग का इस्तेमाल करके मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है।
निष्कर्ष: 4 मई को आएंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। कल होने वाला पुनर्मतदान इन दोनों महत्वपूर्ण सीटों के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर के भारी संख्या में आएं और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

Exit Poll 2026 LIVE: 5 राज्यों में चौंकाने वाले संकेत, कहीं बन रही सरकार तो कहीं उलटफेर
West Bengal 2026: लक्ष्मी भंडार की राशि बढ़ी, अब महिलाओं को मिलेंगे हर महीने ₹1,500
Discover more from Live India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



