Personal Loan: हर किसी को यूं ही नहीं मिल जाता है Personal Loan, इन क्राइटेरिया पर उतरेंगे खरे तभी मिलेगा, जानें पूरी बात

भारत में लगभग सभी प्रतिष्ठित संस्थाएं वेतनभोगी और स्व-रोजगार वाले कस्टमर को पर्सनल लोन प्रदान करती ह- India TV Paisa

Personal Loan: इंसान की जिंदगी में कब पैसों की जरूरत अचानक पड़ जाए, कहना कठिन है। मेडिकल इमरजेंसी से निपटने, शादी के खर्चों को पूरा करने, अपनी उच्च शिक्षा के लिए पैसे जुटाने और बड़ी खरीदारी जैसी तत्काल जरूरतों को पूरा करने में कई बार पर्सनल लोन काम आ सकता है। हालांकि पर्सनल लोन बाकी लोन के मुकाबले ज्यादा महंगा होता है। जानकारों का भी हालांकि कहना है कि किसी भी व्यक्ति को पर्सनल लोन को सबसे आखिरी विकल्प के तौर पर रखना चाहिए। अब मान लीजिए कि आपको पर्सनल लोन लेना ही पड़ जाए, तो यहां यह भी मायने रखता है कि क्या आप पर्सनल लोन पाने की योग्यता रखते हैं। पर्सनल लोन असुरक्षित लोन होते हैं, इसलिए उचित मूल्यांकन के बाद ही बैंक इसे ऑफर करते हैं। हर बैंक या संस्थान के अपने मानदंड होते हैं, और जो उन्हें पूरा कर सकते हैं उन्हें पर्सनल लोन दिया जाता है। जी हां, बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान हर किसी को यूं ही पर्सनल लोन नहीं दे देते हैं। इनके लिए कुछ शर्तें हैं। कुछ नियम हैं।

आयु

जो लोग अपनी रिटायरमेंट के करीब हैं उन्हें आमतौर पर जोखिम भरा प्रस्ताव माना जाता है, इसलिए ज्यादातर बैंक उन्हें पर्सनल लोन देने से बचते हैं। आईसीआईसीआई डायरेक्ट के मुताबिक, सामान्यतौर पर, भारत में पर्सनल लोन हासिल करने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, जबकि सैलरी क्लास और खुद का कारोबार करने वाले व्यक्तियों के लिए अधिकतम आयु क्रमशः 58 और 65 वर्ष है।

रोजगार की स्थिति

भारत में लगभग सभी प्रतिष्ठित संस्थाएं वेतनभोगी और स्व-रोजगार वाले कस्टमर को पर्सनल लोन प्रदान करती हैं। इनमें निजी, सरकारी और MNC कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि, बैंक आपसे अपनी वर्तमान नौकरी या व्यवसाय में दो से पांच सालों का न्यूनतम अनुभव मांग सकता है।

मंथली इनकम कितनी है

बैंक ज्यादा मंथली इनकम वाले व्यक्ति के पास समय पर अपना लोन चुकाने की अधिक क्षमता होने की वजह से, कम मासिक आय वाले लोगों की तुलना में उन्हें प्राथमिकता देते हैं। आमतौर पर, भारत में ऋणदाता वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए 25,000 रुपये और स्व-रोजगार वाले लोगों के लिए 30,000 रुपये की न्यूनतम मासिक इनकम मांगते हैं।

भौगोलिक स्थिति भी रखते हैं मायने

पर्सनल लोन के मामले में भौगोलिक स्थिति भी महत्वपूर्ण है। आमतौर पर देखें तो टियर I शहरों में रहने का खर्च आमतौर पर टियर II शहरों की तुलना में अधिक होता है। यानी दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई या हैदराबाद में रहने वाले व्यक्ति को वडोदरा, रांची, कानपुर, भुवनेश्वर या चंडीगढ़ में रहने वाले व्यक्ति की तुलना में पर्सनल लोन हासिल करने के लिए सख्त पात्रता नियमों को पूरा करना पड़ सकता है।

क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है लोन की लागत

पर्सनल लोन आपको किस ब्याज दर पर मिलेगा, यह काफी हद तक आपके क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करता है। 750 या उससे ज़्यादा क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को बैंक ज़िम्मेदार कस्टमर मानते हैं।

आपको पर्सनल लोन ज्यादातर आपकी इनकम की स्थिति और क्रेडिट स्कोर पर ज्यादा निर्भर करेगा।

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